जब भी हम कोई नया कंप्यूटर या लैपटॉप खरीदते हैं, तो सबसे पहला काम उसमें अपनी जरूरत के सॉफ्टवेयर जैसे वेब ब्राउज़र, मीडिया प्लेयर, पीडीएफ रीडर या फोटो एडिटिंग टूल्स डाउनलोड करना होता है। लेकिन अक्सर कंप्यूटर सीख रहे शुरुआती लोग (Beginners) सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करते समय कुछ ऐसी छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे उनका नया कंप्यूटर भी कुछ ही दिनों में स्लो हो जाता है, बार-बार हैंग होने लगता है या फिर उसमें अनचाहे ऐड और वायरस आ जाते हैं।
भारत में अक्सर देखा गया है कि साइबर कैफे से गाना या फोटो ऐप डलवाते समय या घर पर खुद इंटरनेट से फ्री ऐप्स डाउनलोड करते समय लोग जल्दबाज़ी में गलत बटन दबा देते हैं। इस गाइड में हम ऐसी 6 सबसे आम गलतियों के बारे में बात करेंगे जो लोग सॉफ्टवेयर डाउनलोड और इंस्टॉल करते समय करते हैं, और जानेंगे कि इनसे कैसे बचा जाए।
1. आधिकारिक (Official) वेबसाइट के बजाय थर्ड-पार्टी साइटों से डाउनलोड करना
इंटरनेट पर किसी भी सॉफ्टवेयर को सर्च करने पर गूगल सर्च रिजल्ट में सबसे ऊपर कई ऐसी वेबसाइट्स आती हैं जो फ्री डाउनलोड का दावा करती हैं। कई बिगिनर्स बिना देखे किसी भी रैंडम थर्ड-पार्टी वेबसाइट (जैसे सॉफ्टोनिक,download.com या अनजान ब्लॉग्स) से सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर लेते हैं।
इससे क्या नुकसान होता है? ऐसी अनधिकृत वेबसाइट्स अक्सर असली सॉफ्टवेयर के साथ 'एडवेयर' (Adware) या 'मालवेयर' (Malware) मिला देती हैं। जब आप ऐप इंस्टॉल करते हैं, तो पीछे से कई अनचाहे प्रोग्राम भी आपके सिस्टम में आ जाते हैं।
बचने का तरीका: हमेशा सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी की आधिकारिक (Official) वेबसाइट से ही फाइल डाउनलोड करें। उदाहरण के लिए, यदि आपको VLC Media Player डाउनलोड करना है, तो हमेशा videolan.org पर जाएं, न कि किसी थर्ड-पार्टी लिंक पर। विंडोज में आप 'Microsoft Store' का इस्तेमाल करके भी सुरक्षित ऐप्स पा सकते हैं।
2. इंस्टॉलेशन के दौरान 'Next-Next' पर बिना पढ़े क्लिक करना
सॉफ्टवेयर का सेटअप चलाते समय हममें से ज्यादातर लोगों की आदत होती है कि जब तक इंस्टॉलेशन पूरा न हो जाए, हम लगातार 'Next', 'Agree' और 'Finish' पर बिना पढ़े क्लिक करते रहते हैं। इसे टेक दुनिया में 'Blind Next Syndrome' कहा जाता है।
इससे क्या नुकसान होता है? फ्री सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनियां पैसे कमाने के लिए अपने सेटअप में अन्य प्रमोटेड सॉफ्टवेयर (जैसे कोई एंटीवायरस ट्रायल, अनचाहा ब्राउज़र टूलबार या नया सर्च इंजन) बंडल कर देती हैं। जब आप बिना पढ़े 'Next' दबाते हैं, तो आप उन फालतू ऐप्स को भी अपने पीसी में आने की इजाजत दे देते हैं।
बचने का तरीका: इंस्टॉलेशन विजार्ड को ध्यान से पढ़ें। अगर वहां 'Express/Standard Installation' की जगह 'Custom/Advanced Installation' का विकल्प हो, तो 'Custom' चुनें। वहां आपको जो अनचाहे टिक बॉक्स (Checkboxes) दिखें (जैसे 'Install Opera Browser' या 'Make Yahoo my homepage'), उन्हें अनचेक (Uncheck) कर दें।
3. डाउनलोड पेज पर दिखने वाले फर्जी 'Download' विज्ञापनों पर क्लिक करना
यह भारतीय बिगिनर्स द्वारा की जाने वाली सबसे आम गलतियों में से एक है। जब आप किसी फाइल शेयरिंग वेबसाइट पर कोई फाइल या सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने जाते हैं, तो वहां असली डाउनलोड लिंक छोटा सा होता है, लेकिन उसके आसपास बड़े-बड़े हरे या नीले रंग के फर्जी 'Download Now' या 'Start Download' लिखे विज्ञापन चमक रहे होते हैं।
इससे क्या नुकसान होता है? गलती से इन विज्ञापनों पर क्लिक करने से आपके कंप्यूटर में खुद ब खुद फालतू एक्सटेंशन या संदिग्ध .exe फाइलें डाउनलोड हो जाती हैं, जो आपके ब्राउज़र का कंट्रोल छीन लेती हैं।
बचने का तरीका: किसी भी डाउनलोड बटन पर क्लिक करने से पहले माउस के कर्सर को उस बटन के ऊपर ले जाएं और ब्राउज़र के नीचे बाईं ओर देखें कि वह लिंक आपको कहां ले जा रहा है। असली डाउनलोड बटन के कोने में अक्सर एक छोटा सा Ad का आइकॉन (Ad Choice) बना होता है। असली लिंक पर हमेशा फाइल का नाम और उसका साइज लिखा होता है।
4. एक साथ कई एंटीवायरस ऐप्स इंस्टॉल करना
बहुत से नए यूजर सोचते हैं कि अगर कंप्यूटर में एक एंटीवायरस सुरक्षा देता है, तो दो या तीन एंटीवायरस डालने से कंप्यूटर डबल सुरक्षित हो जाएगा। इसलिए वे Quick Heal, Avast और Kaspersky जैसे कई ऐप्स एक साथ इंस्टॉल कर लेते हैं।
इससे क्या नुकसान होता है? दो एंटीवायरस एक-दूसरे को ही वायरस मानकर आपस में टकराने लगते हैं। इससे कंप्यूटर की रैम (RAM) और प्रोसेसर (CPU) पर 100% लोड आ जाता है, और पीसी पूरी तरह से फ्रीज या स्लो हो जाता है।
बचने का तरीका: अपने विंडोज पीसी में सिर्फ एक ही मुख्य सिक्योरिटी सिस्टम रखें। विंडोज 10 और 11 में इन-बिल्ट 'Windows Defender' पहले से होता है जो कि काफी मजबूत है। अगर आप अलग से कोई एंटीवायरस डालते हैं, तो पहले विंडोज के बाकी थर्ड-पार्टी सिक्योरिटी ऐप्स को अनइंस्टॉल कर दें।
5. 32-bit और 64-bit आर्किटेक्चर में फर्क न समझना
कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम दो मुख्य प्रकार के आर्किटेक्चर पर काम करते हैं: 32-bit (x86) और 64-bit (x64)। जब नए लोग कोई सॉफ्टवेयर डाउनलोड करते हैं, तो वे इस बात पर ध्यान नहीं देते कि वे कौन सा वर्ज़न डाउनलोड कर रहे हैं।
इससे क्या नुकसान होता है? अगर आपका सिस्टम 64-bit है और आप उसमें 32-bit का सॉफ्टवेयर डालते हैं, तो वह शायद काम तो कर जाए, लेकिन आपकी रैम और प्रोसेसर का पूरा फायदा नहीं उठा पाएगा। वहीं, 32-bit सिस्टम में 64-bit सॉफ्टवेयर इंस्टॉल ही नहीं होगा और आपको बार-बार Error दिखेगा।
बचने का तरीका: अपने कंप्यूटर का आर्किटेक्चर जांचने के लिए कीबोर्ड पर Win + Pause/Break दबाएं या This PC पर राइट क्लिक करके Properties में जाएं। वहां 'System type' देखें। डाउनलोड करते समय अपने ऑपरेटिंग सिस्टम के हिसाब से ही 64-bit या 32-bit वर्ज़न चुनें।
6. नए सॉफ्टवेयर को बिना जरूरत के 'Startup Apps' में ऑन छोड़ देना
जब आप Spotify, Torrent, Skype या Steam जैसे सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करते हैं, तो वे डिफ़ॉल्ट रूप से इस तरह सेट होते हैं कि जैसे ही आप अपना कंप्यूटर ऑन करेंगे, वे ऐप्स पृष्ठभूमि (Background) में अपने आप चालू हो जाएंगे।
इससे क्या नुकसान होता है? जितने ज्यादा ऐप्स स्टार्टअप में रहेंगे, कंप्यूटर को ऑन (Boot) होने में उतना ही ज्यादा समय लगेगा। 15 सेकंड में ऑन होने वाला आपका लैपटॉप 2 से 3 मिनट का समय लेने लगेगा।
बचने का तरीका: टास्क मैनेजर खोलें (कीबोर्ड पर Ctrl + Shift + Esc दबाएं)। फिर 'Startup Apps' टैब पर जाएं। जिन सॉफ्टवेयर की आपको कंप्यूटर ऑन होते ही जरूरत नहीं है (जैसे Spotify, Skype, Microsoft Teams), उन पर राइट-क्लिक करके 'Disable' कर दें।
सुरक्षित सॉफ्टवेयर डाउनलोड के लिए 4-पॉइंट चेकलिस्ट
- ऑफ़िशियल सोर्स: हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या Microsoft Store का उपयोग करें।
- कस्टम इंस्टॉलेशन: सेटअप चलाते समय हमेशा 'Custom' ऑप्शन चुनें और एक्स्ट्रा ऐप्स को अनचेक करें।
- सिस्टम चेक: अपने पीसी के बिट (32-bit या 64-bit) के अनुसार ही सही फाइल चुनें।
- क्लीनअप: समय-समय पर कंट्रोल पैनल (Control Panel > Uninstall a program) में जाकर चेक करें कि कोई अनचाहा ऐप तो अपने आप इंस्टॉल नहीं हो गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: क्या मुफ्त में सॉफ्टवेयर डाउनलोड करना हमेशा खतरनाक होता है?
नहीं, फ्री और ओपन-सोर्स (FOSS) सॉफ्टवेयर जैसे VLC Media Player, LibreOffice, GIMP पूरी तरह सुरक्षित हैं। खतरा तब होता है जब आप पेड (Paid) सॉफ्टवेयर को क्रैक (Crack) या पायरेटेड वर्जन के रूप में फ्री में डाउनलोड करने की कोशिश करते हैं।
Q2: अगर गलती से कोई बंडल एडवेयर इंस्टॉल हो जाए तो उसे कैसे हटाएं?
कीबोर्ड पर Win + R दबाएं, appwiz.cpl लिखें और Enter दबाएं। जो प्रोग्राम आपने खुद इंस्टॉल नहीं किया है या जिसकी जरूरत नहीं है, उस पर राइट क्लिक करके 'Uninstall' कर दें।
Q3: क्या Windows Defender ही पीसी की सुरक्षा के लिए काफी है?
हां, सामान्य इंटरनेट ब्राउजिंग, ऑफिस के काम और होम यूसेज के लिए विंडोज 10/11 का इन-बिल्ट Windows Defender पूरी तरह सक्षम है। बशर्ते आप अपना विंडोज समय-समय पर अपडेट करते रहें।
निष्कर्ष
कंप्यूटर का स्लो होना या उसमें वायरस आना हमेशा पुरानी हार्डवेयर की वजह से नहीं होता, बल्कि हमारी छोटी-छोटी डिजिटल गलतियों का नतीजा होता है। सॉफ्टवेयर डाउनलोड करते समय थोड़ी सी सावधानी रखकर और केवल आधिकारिक सोर्स का इस्तेमाल करके आप अपने कंप्यूटर को सालों-साल नया, तेज़ और पूरी तरह से सुरक्षित रख सकते हैं। अगली बार जब भी कोई नया सॉफ्टवेयर डाउनलोड करें, इन 6 बातों का ध्यान जरूर रखें।

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